Tuesday, 19 July 2016

मांगलिक कार्यो का उचित समय


 इस वर्ष 15 जुलाई 2016 शुक्रवार को देवशयनी एकादशी है। इस दिन से समस्त शुभ तथा मांगलिक कार्यों पर चार माह के लिए विराम लग जाएगा क्योंकि इन चार माह में बड़े मांगलिक कार्य वर्जित माने गए हैं। इसके बाद मांगलिक कार्यों की शुरुआत 10 नवम्बर देवउठनी एकादशी के साथ ही होगी। अब हम आपको बताएंगे की देवशयनी एकादशी का क्या महत्व है तथा क्यों इस दिन शुभ कार्य नहीं किये जाते है | Vashikaran mantra in Mumbai पंडित जी आपको बताएंगे की किस शुभ काल में आपके द्वारा किये गए मांगलिक कार्यो के अचे फल प्राप्त होते है|


 देवशयनी एकादशी -

 हिन्दू ग्रंथो के अनुसार आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवशयनी एकादशी कहते हैं। देवशयनी एकादशी के दिन से भगवान विष्णु का शयनकाल प्रारम्भ हो जाता है इसीलिए इसे देवशयनी एकादशी कहते हैं। देवशयनी एकादशी से लेकर देवउठनी एकादशी तक भगवान विष्णु शयन करते हैं अर्थात वे विश्राम करते है, इसलिए इन चार माह तक सभी शुभ तथा मांगलिक कार्यों पर विराम लगा होता है। देवशयनी एकादशी के चार माह के बाद भगवान् विष्णु प्रबोधिनी एकादशी के दिन जागते हैं। अगर आप कोई भी मांगलिक कार्य करना कहते है तो आपको नवंबर माह तक प्रतीक्षा करनी होगी |

 हिन्दू मान्यताओं के अनुसार देवशयनी से देवउठनी एकादशी तक के बीच अगर हम कोई दहरम का कार्य करते है तो इसका अनन्त पुण्य प्राप्त होता है|
इस दौरान इन वस्तुओं का त्याग करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है-

१) किसी भी प्रकार की मानसिक,शारीरिक तथा भावनात्मक हिंसा से दूर रहे |
२) मॉस,भात तथा शहद आदि का त्याग कर देना चाहिए |
३) झूठ,कपट और पलंग पर सोने का त्याग कर देना चाहिए |
४) अपने मधुर स्वर के लिए गुड का त्याग कर देना चाहिए |
५) सौभाग्य प्राप्ति के लिए मीठे तेल का त्याग |
६) स्वर्ग प्राप्ति के लिए पुष्पादि भोगों का।

 इस प्रकार आप उपरोक्त कार्य करके भी मोक्ष की प्राप्ति कर सकते है| अगर आप अपने कार्यो में तुरंत सफलता चाहते है तो बताएंगे गए समय तक मांगलिक कार्यो का परहेज कीजिये | अधिक जानकरी के लिए आप Vashikaran specialist in Australia पंडित जी को कॉल कर सकते है- Saket Bhai  (+91-9680153118)




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