भारतीय पंचांग इस बार श्राद्ध पक्ष का प्रारंभ 16 सितंबर शुक्रवार से हो रहा है तथा इसका समापन 30 सितंबर शुक्रवार को होगा। भारतीय ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प दोष होता है वे अगर श्राद्ध पक्ष में इस दोष के निवारण के लिए उपाय व पूजन करें तो शुभ फलों की प्राप्ति होती है तथा कालसर्प दोष के दुष्प्रभाव में कमी आती है। कालसर्प दोष १२ प्रकार के होते है |
ज्योतिष विद्या के अनुसार प्रतेक कालसर्प का अलग अलग उपाय होता है | अगर आपकी कुंडली में भी कालसर्प दोष है तो आप भी इन श्राद्ध पक्ष के दिनों में इसका उपाय कर सकते है| कालसर्प दोष के प्रकार और उनके निवारण के लिए उपाय इस प्रकार हैं-
अनन्त कालसर्प दोष- अनन्त कालसर्प दोष होने पर श्राद्ध पक्ष में एकमुखी, आठमुखी या नौमुखी रुद्राक्ष धारण करें।
कुलिक कालसर्प दोष- कुलिक नामक कालसर्प दोष होने पर श्राद्ध पक्ष दो रंग वाला कंबल अथवा गर्म वस्त्र दान करें।
वासुकि कालसर्प दोष- वासुकि कालसर्प दोष होने पर रात को सोते समय सिरहाने पर थोड़ा बाजरा रखें और सुबह उठकर उसे पक्षियों को खिला दें।
शंखपाल कालसर्प दोष- शिवलिंग का दूध से अभिषेक करें।
पद्म कालसर्प दोष- जरूरतमंदों को पीले वस्त्र का दान करें और तुलसी का पौधा लगाएं।
महापद्म कालसर्प दोष- महापद्म कालसर्प दोष के निदान के लिए हनुमान मंदिर में जाकर सुंदरकांड का पाठ करें।
तक्षक कालसर्प दोष- तक्षक कालसर्प योग के निवारण के लिए 11 नारियल बहते हुए जल में प्रवाहित करें।
कर्कोटक कालसर्प दोष- कर्कोटक कालसर्प योग होने पर बटुकभैरव के मंदिर में जाकर दही-गुड़ का भोग लगाएं और पूजा करें।
शंखचूड़ कालसर्प दोष- पांचमुखी, आठमुखी या नौमुखी रुद्राक्ष धारण करें।
घातक कालसर्प दोष- घातक कालसर्प के निवारण के लिए पीतल के बर्तन में गंगाजल भरकर अपने पूजा स्थल पर रखें।
विषधर कालसर्प दोष- विषधर कालसर्प के निदान के लिए परिवार के सदस्यों की संख्या के बराबर नारियल लेकर एक-एक नारियल पर उनका हाथ लगवाकर बहते हुए जल में प्रवाहित करें।
शेषनाग कालसर्प दोष- शेषनाग कालसर्प दोष होने पर अंतिम श्राद्ध की पूर्व रात्रि को लाल कपड़े में सौंफ बांधकर सिरहाने रखें और उसे अगले दिन सुबह खा लें।
इस प्रकार यदि आप बताये गए उपायो को करते है तो आपके कालसर्प दोष का प्रभाव बहुत कम हो जाता है | बाबा जी Vashikaran mantra in Delhi द्वारा बताये गए उपायो से आप अपनी परेशानियो से छुटकारा पा सकते है और किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए आप हमे कॉल भी कर सक्ते है |
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अनन्त कालसर्प दोष- अनन्त कालसर्प दोष होने पर श्राद्ध पक्ष में एकमुखी, आठमुखी या नौमुखी रुद्राक्ष धारण करें।
कुलिक कालसर्प दोष- कुलिक नामक कालसर्प दोष होने पर श्राद्ध पक्ष दो रंग वाला कंबल अथवा गर्म वस्त्र दान करें।
वासुकि कालसर्प दोष- वासुकि कालसर्प दोष होने पर रात को सोते समय सिरहाने पर थोड़ा बाजरा रखें और सुबह उठकर उसे पक्षियों को खिला दें।
शंखपाल कालसर्प दोष- शिवलिंग का दूध से अभिषेक करें।
पद्म कालसर्प दोष- जरूरतमंदों को पीले वस्त्र का दान करें और तुलसी का पौधा लगाएं।
महापद्म कालसर्प दोष- महापद्म कालसर्प दोष के निदान के लिए हनुमान मंदिर में जाकर सुंदरकांड का पाठ करें।
तक्षक कालसर्प दोष- तक्षक कालसर्प योग के निवारण के लिए 11 नारियल बहते हुए जल में प्रवाहित करें।
कर्कोटक कालसर्प दोष- कर्कोटक कालसर्प योग होने पर बटुकभैरव के मंदिर में जाकर दही-गुड़ का भोग लगाएं और पूजा करें।
शंखचूड़ कालसर्प दोष- पांचमुखी, आठमुखी या नौमुखी रुद्राक्ष धारण करें।
घातक कालसर्प दोष- घातक कालसर्प के निवारण के लिए पीतल के बर्तन में गंगाजल भरकर अपने पूजा स्थल पर रखें।
विषधर कालसर्प दोष- विषधर कालसर्प के निदान के लिए परिवार के सदस्यों की संख्या के बराबर नारियल लेकर एक-एक नारियल पर उनका हाथ लगवाकर बहते हुए जल में प्रवाहित करें।
शेषनाग कालसर्प दोष- शेषनाग कालसर्प दोष होने पर अंतिम श्राद्ध की पूर्व रात्रि को लाल कपड़े में सौंफ बांधकर सिरहाने रखें और उसे अगले दिन सुबह खा लें।
इस प्रकार यदि आप बताये गए उपायो को करते है तो आपके कालसर्प दोष का प्रभाव बहुत कम हो जाता है | बाबा जी Vashikaran mantra in Delhi द्वारा बताये गए उपायो से आप अपनी परेशानियो से छुटकारा पा सकते है और किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए आप हमे कॉल भी कर सक्ते है |
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